ब्रेट ली ने कहा आपको मुझ पर भरोसा है, मैंने कहा पूरा भरोसा है…

दिल चाहता और हे बैबी जैसी फिल्मों के निर्माता अनुपम शर्मा ने इस बार निर्देशन में अपना हाथ आजमाया है।अनुपम को आस्ट्रेलिया में बॉलीवुड फिल्मों को बनाने और निर्देशित करने के लिए जाना जाता रहा है। फिल्मो के अलावा अनुपम धारावाहिक, कमर्शियल,म्यूजिक वीडियो निर्मित और निर्देशित करते रहे हैं। अनुपम शर्मा निर्देशित फिल्म अनइंडियन 19 अगस्त को भारत में रिलीज हो रही है।  यह फिल्म आस्ट्रेलिया में पिछले साल रिलीज की जा चुकी है। जहां फिल्म को काफी अच्छा रिस्पांस मिला। भारत में फिल्म का जोरो-शोरों से प्रमोशन जारी है। निशा शर्मा  ने  बात की फिल्म अनइंडियन  के निर्देशक अनुपम शर्मा से और फिल्म से जुड़े उनके अनुभवों को जानने की कोशिश की।

प्रशन- आप अपनी फिल्म (अनइंडियन) के बारे में कुछ बताएं ?

उत्तर- अनइंडियन एक भारतीय-आस्ट्रेलियाई फिल्म है। अपनी तरह की अलग फिल्म है। खास तौर पर यह दिल को छूने वाली फिल्म है जिसमें थोड़ा बहुत मसाला है।

प्रशन- अनइंडियन से लोग फिल्म के बारे में क्या अंदाजा लगाएं?

उत्तर- फिल्म का अनइंडियन नाम बहुत कुछ बताता है। जिसमें बहुत-सी चीजें आस्ट्रेलियाई हैं तो बहुत कुछ भारतीय। आस्ट्रेलिया की विविधता, रोज मर्रा की जिंदगी। आस्ट्रेलिया में रह रहे भारतीयों की संस्कृति और लोगों का समुदाय।  परिवार के द्वारा तय शादियां, काले रंग के लिए अस्वीकारिता जैसे अनेक मुद्दों की फिल्म है अनइंडियन।

यही नहीं वैश्विक तौर पर यह फिल्म प्रेम पर आधारित है जो बताती है कि प्रेम की कोई सीमा नहीं होती सीमा सिर्फ लोग निर्धारित करते हैं।

प्रशन- फिल्म अनइंडियन बनाने के पीछे क्या विचार रहा?

उत्तर- यह तो फिल्म देखेंगे तो पता चल जाएगा बस इतना ही कि यह भारतीय आधार रखने वाली आस्ट्रेलियाई फिल्म जो वैश्विक समुदाय के लिए बनी है।

प्रशन- जब आपने ब्रेट ली को फिल्म आफर की तो ली का पहला रियेक्शन क्या था?

उत्तर- पहली बार जब मैं और ब्रेट ली मिले तो वह मेरा फिल्म का आफर सुनकर दंग रह गए और पूछने लगे कि आपको मुझ पर भरोसा है कि मैं यह फिल्म कर पाऊंगा तो मैंने कहा बिल्कुल पूरा भरोसा है।

प्रशन- ब्रेट ली कोई मंजे हुए कलाकार नहीं है उन्होंने अब तक किसी फिल्म में काम नहीं किया है? ऐसे में आपको किन मुश्किलों का सामना करना पड़ा ब्रेट ली से अभिनय करवाने में?

उत्तर- मैंने ब्रेट ली को पहली बार में यही समझाया कि तुम्हे अभिनय नहीं करना है क्योंकि इस फिल्म में ली जिस पात्र का अभिनय कर रहे हैं वह ली के स्वभाव के काफी नजदीक है और मैं जानता था कि इस बात को लेकर मेरी ही जीत होगी क्योंकि ब्रेट ली ने अपने किरदार को बखूबी निभाया है।

हालांकि वह एक्टिंग बेकग्राउंड से नहीं है लेकिन वह अच्छा अदाकार है। ब्रेट की इस खूबी से मैं शुरू से ही वाकिफ रहा हूं। चाहे फिर वह कोई भी जगह हो खेल का मैदान हो , स्टेज हो या फिर कैमरे के आगे का अभिनय हो। मैंने कई कमर्शियल ब्रेट ली के साथ किए हैं। मैंने सिर्फ इतना किया कि मैं उसके भीतर के कलाकार को बाहर लाने में सफल रहा।

प्रशन- तनिष्ठा चटर्जी अपने अभिनय के लिए जानी जाती हैं, ऐसे में ब्रेट ली और तनिष्ठा की जोड़ी का एक साथ काम करना कितना सरलया कठिन रहा?

उत्तर- फिल्म में तनिष्ठा चटर्जी और ब्रेट ली यिन और येंग साबित होते हैं जो एक दूसरे के पूरक हैं। तनिष्ठा का अभिनय फिल्म में गुणवता और गंभीरता लाता है साथ ही तनिष्ठा ने ब्रेट ली छुपे अभिनय को बाहर लाने में पूरी मदद की।

प्रशन- फिल्म को लेकर आपकी क्या अपेक्षाएं हैं, जैसा कि निर्देशक के तौर पर यह आपकी पहली फिल्म है?

उत्तर- मैंने फिल्म कहानी बताने के लिए बनाई है। अगर यह फिल्म दर्शकों और आलोचकों को पसंद आती है तो मुझे खुशी होगी। मेरी ऐसी कोई अपेक्षा नहीं है। मैंने जो बनाया है उसके लिए मैं शर्मिंदा नहीं होना चाहता था। मुझे तब सब से ज्यादा खुशी हुई जब फिल्म से जुड़े सब लोगों ने फिल्म को लेकर अपनी प्रशंसा जाहिर की।

साथ ही फिल्म का छात्र के नाते मैंने या अधिकतर छात्र आस्ट्रेलिया के अंतर्राष्ट्रीय स्तर के जाने- माने फिल्म आलोचक डेविड स्ट्रेटॉन की फिल्म समीक्षा को पढ़ते हुए बढ़े हुए हैं। वह बहुत कम फिल्में देखते और उनकी समीक्षा करते हैं। मुझे जब पता लगा कि उन्होंने मेरी फिल्म देखी है और उसकी समीक्षा कर फिल्म की प्रशंसा की है तो मैं खुद को जमीन पर नहीं पा रहा था।

प्रशन- भारत में सेंसरशिप को लेकर आपका क्या मानना है? जैसा कि आपकी फिल्म अनइंडियन का भी एक लव सीन सेंसर कर दिया गया?

उत्तर- सेंसर का मतलब क्या है?  किसी सृजनात्मक काम करने वाले के लिए यह एक बाधा से बड़ा कुछ नहीं है। सेंसर बोर्ड कौन होता है यह बताने वाला कि 1.2 बिलियन लोग क्या देखेंगे और क्या नहीं देखेंगे। भारत जो दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है वहां अगर ऐसा होता है तो दुख होता है। यही कारण है कि भारतीय अपनी परंपरा से दूर होते जा रहे हैं। जिस संस्कृति ने दुनिया को कामसूत्र दिया। वहां सेंसर बोर्ड यह तय करता है कि क्या दिखाया जाएगा और क्या देखा जाएगा।

मैंने ज्यादा जद्दोजहद नहीं की। मैंने फिल्म उड़ता पंजाब की तरह कोई राजनीतिक विवाद खड़ा नहीं किया ताकि मैरे डिस्ट्रब्यूटर्स को कोई परेशानी का सामना ना करना पड़े। मेरी फिल्म में से एक लव सीन को काटा छांटा गया। मैंने सेंसर बोर्ड से कहा कि अगर आप सीन हटा रहे हैं तो एक निर्देश फिल्म में डाल दें कि यह सीन भारतीय दर्शकों के लिए काटा-छांटा गया हैं लेकिन इस पर भी सेंसर बोर्ड सहमत नहीं हुआ। सेंसर बोर्ड फिल्म में से सीन काटना भी चाहता है लेकिन सार्वजनिक तौर पर इस बात को स्वीकारता भी नहीं है।

प्रशन- क्या फिल्म भारतीय-आस्ट्रलियाई रिश्तों पर कुछ असर डालेगी।

उत्तर- आशा करता हूं कि दोनों देशों के रिश्ते और अच्छे हों। दोनों देशों की संस्कृति को साझा करने की मेरी पूरी कोशिश रही है ताकि दोनों देशों के लोग एक दूसरे को जान पाएं।

प्रशन- आपका आने वाला नया प्रोजेक्ट या कहें नई फिल्म कौन-सी होगी?

उत्तर- एक आस्ट्रेलिया के मंत्री के साथ एक प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। विक्रम सिंह के साथ उनकी आस्कर में सेमी फाइनलिस्ट स्क्रीप्ट ‘एन इंडियन समर’ पर भी काम जारी है।

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