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कासगंज में शांति के बावजूद तनाव बरकरार

हिंसा में मारे गए नवयुवक चंदन गुप्ता के परिजनों ने 20 लाख रुपये का सहायता चेक लेने से किया इनकार  

लखनऊ।

गणतंत्र दिवस के मौके पर उत्‍तर प्रदेश के कासगंज जिले में भड़की सांप्रदायिक हिंसा की आग भले ही शांत हो गई हो, लेकिन तनाव बना हुआ है। लोगों में नाराजगी भी है। हिंसा में मारे गए नवयुवक चंदन गुप्ता के परिजनों को उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक सहायता तो प्रदान कर दी, लेकिन सोमवार को परिजनों ने 20 लाख रुपये का मुआवजे का चेक लेने से इनकार कर दिया। हालात सामान्य करने के लिए सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद मोर्चा संभाले हुए हैं।

उधर, पुलिस ड्रोन की मदद से दंगाइयों पर नजर रख रही है। चंदन गुप्‍ता की मौत तिरंगा यात्रा के दौरान दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष में हुई थी। इस सिलसिले में पुलिस ने अब तक 112 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से 31 इस हिंसा के मामले में अभियुक्त हैं तो 81 अन्य को एहतियातन गिरफ्तार किया गया है। अब तक पांच मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इनमें से तीन कासगंज के कोतवाल की तहरीर पर दर्ज हुए हैं।

पुलिस महानिरीक्षक अलीगढ़ जोन संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि नामजद आरोपियों के घरों पर दबिश दी जा रही है। आगरा जोन के अपर पुलिस महानिदेशक अजय आनन्द ने दावा किया कि शहर में डर का माहौल नहीं है। पुलिस ने वारदात पर रोक लगा दी है और घटनाओं में शामिल किसी भी व्यक्ति को नहीं बख्शा जाएगा। लोगों को गिरफ्तार किया जा रहा है। जब तक ऐसा आखिरी व्यक्ति नहीं पकड़ लिया जाता, तब तक हमारा अभियान जारी रहेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर चंदन के परिवार को 20 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की। उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कासगंज में हुई घटना को दुखद बताया और इसकी निन्दा की। उन्होंने कहा कि एक भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। दंगे करने वालों के साथ-साथ फसाद की साजिश करने वाले भी दंडित होंगे। जनपद कासगंज शहर में धारा 144 सीआरपीसी लागू है।

चंदन गुप्ता के परिजन हिंसा के बाद से धरने पर बैठे हैं। सोमवार को कासगंज के डीएम आरपी सिंह समेत आला अधिकारी मुआवजे का चेक देने पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने चेक लेने से मना कर दिया। चंदन के परिवार वालों का कहना है कि जब तक चंदन का हत्यारा पकड़ा नहीं जाता तब तक हम पैसे नहीं लेंगे। हमें न्याय चाहिए।

क्या हुआ था

26 जनवरी को जब पूरा देश और दुनिया के 10 देशों के नेता दिल्ली में राजपथ पर भारत की आन, बान और शान के नमूने देख रहे थे, उसी दौरान यूपी के कासगंज में हिंसा की चिंगारी फैल गई। हिंसा में एक नौजवान की जान चली गई और पूरे शहर में खौफ पैदा हो गया।

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