पृथ्वी-2 का सफल यूजर ट्रायल

भुवनेश्वर। परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम पृथ्वी-2 मिसाइल जल्द ही भारतीय सेना का गौरव बढ़ाएगी। बुधवार को ओडिशा के चांदीपुर में इसका सफल परीक्षण किया गया। डीआरडीओ के वैज्ञानिकों की मौजूदगी में सेना ने सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर इसका यूजर ट्रायल किया। देश में विकसित यह मिसाइल सतह से सतह पर वार करने में कारगर है। इसकी मारक क्षमता 350 किलोमीटर है। इसे 500-1000 किलो के वारहेड से लैस किया जा सकता है।

सूत्रों के मुताबिक इसे मोबाइल लांचर के जरिए लांच किया गया। पहले दो परीक्षण किए जाने की योजना थी। पर एक ही टेस्ट में मिली सफलता के बाद दूसरा टेस्‍ट नहीं किया गया। इससे पहले 15 मई को बहुस्तरीय बैलेस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली हासिल करने के प्रयास के तहत भारत ने स्वदेशी सुपरसोनिक इंटरसेप्टर मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया था। यह मिसाइल उसकी ओर आने वाली किसी भी शत्रु बैलेस्टिक मिसाइल को नष्ट करने की क्षमता रखती है।

क्या हैं पृथ्वी-2 की खूबियां
1. पृथ्वी भारत की पहली देश में निर्मित बैलिस्टिक मिसाइल है।
2. यह सतह से सतह पर 350 किलोमीटर तक मार करती है।
3. लिक्विड और सॉलिड, दोनों तरह के ईंधन से ऑपरेट होती है। यह परंपरागत और परमाणु, दोनों तरह के हथि‍यार ढोने में सक्षम है।
4. इससे पहले पृथ्वी-2 का सफल यूजर ट्रायल 16 फरवरी 2016 और 14 नवंबर 2014 को किया गया था।
5. इस मिसाइल में दो इंजन लगे हैं जिसकी लंबाई 8.56 मीटर, चौड़ाई 1.1 मीटर और वजन 4,600 किलोग्राम है।
6. यह मिसाइल 483 सेकेंड तक और 43.5 किमी की ऊंचाई तक उड़ान भर सकती है।
7. यह 500 से 1000 किग्रा तक का भार उठाने में सक्षम है।

8. अग्नि मिसाइलों के बाद यह भारत की प्रमुख बैलिस्टिक मिसाइल है।

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