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आईएफसीआई को 176.87 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा

कंपनी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान कंपनी के फंसे हुए कर्ज (बैड लोन) में तेज वृद्धि हुई जो कि 411.49 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष के समान तिमाही के दौरान यह 139.87 करोड़ रुपये था।

देबदुलाल पहाड़ी

आईएफसीआई लिमिटेड ने आज सोमवार को 31 दिसंबर, 2007 को समाप्त तीसरी तिमाही में 176.87 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दिखाया। जो कि एक साल पहले की समान तिमाही में 45.17 करोड़ रुपये था।

कंपनी ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के दौरान कंपनी के फंसे हुए कर्ज (बैड लोन) में तेज वृद्धि हुई जो कि 411.49 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष के समान तिमाही के दौरान यह 139.87 करोड़ रुपये था।

इसके मुकाबले पिछले कारोबारी साल की समान अवधि में कंपनी 43.94 करोड़ रुपये के घाटे में रही थी। हालाँकि इस दौरान आईएफसीआई की शुद्ध आमदनी में इजाफा हुआ, जो कि 577.28 करोड़ रुपये से 8.57% अधिक 626.80 करोड़ रुपये रही।

प्रेस कॉन्फ्रेंस को आईएफसीआई के एमडी और सीईओ डॉ इ इस राव, निर्देशक और मुख्य वित्तीय अधिकारी,  बी एन नायक , कार्यकारी निर्देशकों वी एस वी राव और विश्वजीत बनर्जी ने सम्बोधन किया ।

आईएफसीआई का शेयर आज सोमवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर 2.17 फीसदी गिरकर 24.80 रुपये पर बंद हुआ। आईएफसीआई अवसंचरना परियोजनाओं को कर्ज मुहैया कराती है।

 

 

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