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‘तुम इस बात से मत घबराना कि लोग क्या कहेंगे’

तुम दोनों शायद नंदा और बच्चन बनो, लेकिन फिर भी तुम दोनों एक लड़की और औरत हो। जैसा कि तुम एक औरत हो, लोग तुम पर अपनी सोच को थोपेंगे... तुम्हारे लिए दायरे बनाएंगे...वह तुम्हें बताएंगे कि तुम्हे कैसे कपड़े पहनने चाहिए...तुम्हें कैसा बर्ताव करना चाहिए... तुम्हें किससे मिलना चाहिए और कहां आना जाना चाहिए..लेकिन तुम लोगों के फैसलों को मत मानना... तुम अपने रास्ते खुद अपनी खुशियों के आधार पर तय करना...

निशा शर्मा।

अमिताभ बच्चन ने अपनी नातिन नव्या और पोती आराध्या के नाम एक संवेदनशील खत लिखा है… जिसमें अमिताभ बच्चन ने दोनों को नसीहत दी है कि जिंदगी में कभी इस बात से मत घबराना कि लोग क्या कहेंगे.. वही करना जो तुम्हे अच्छा लगे।

अमिताभ ने अध्यापक दिवस से एक दिन पहले ट्वीट करते हुए लिखा- मैं लिखता हूं एक खत- क्योंकि मैं चाहता हूं कि मैं एक खत लिखूं।

अमिताभ ने क्या लिखा खत में जानिए-

तुम दोनों के कंधों पर मूल्यवान विरासत को आगे ले जाने की जिम्मेदारी है… आराध्या अपने परदादाजी डॉ. हरिवंश राय बच्चन की विरासत और नव्या को अपने पर दादाजी श्री एचपी नंदा की विरासत को संभाल रही है.. दोनों के पर दादाजी दोनों के लिए विरासत छोड़ कर गए हैं जिसमें वर्तमान में इस्तेमाल हो रहा तुमहारा सरनेम, प्रसिद्धि और सम्मान  हैं।

तुम दोनों शायद  नंदा और बच्चन बनो, लेकिन फिर भी तुम दोनों एक लड़की और औरत हो। जैसा कि तुम एक औरत हो, लोग तुम पर अपनी सोच को थोपेंगे… तुम्हारे लिए दायरे बनाएंगे…वह तुम्हें बताएंगे कि तुम्हे कैसे कपड़े पहनने चाहिए…तुम्हें कैसा बर्ताव करना चाहिए… तुम्हें किससे मिलना चाहिए और कहां आना जाना चाहिए..लेकिन तुम लोगों के फैसलों को मत मानना… तुम अपने रास्ते खुद अपनी खुशियों के आधार पर तय करना…

किसी को यह अधिकार मत देना कि तुम्हारी स्कर्ट की लंबाई से तुम्हारे चरित्र को कोई जांच सके… किसी के भी ख्याल को इतनी तवज्जो मत देना जो तुम्हे बताए कि तुम्हारे दोस्त कौन होने चाहिए या तुम्हे किसका दोस्त बनना चाहिए…

किसी भी कारण के लिए शादी मत करना जब तक कि तुम्हे नहीं लगे कि शादी करनी चाहिए। लोग कहते रहेंगे… शायद लोग बहुत बुरा भी कहें लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि तुम सबकी सुनो… इस बात की कभी चिंता मत करना कि लोग क्या कहेंगे…आखिर में, तुम अकेली होगी जिसे अपने कामों या निर्णयों के परिणामों का सामना करना पड़ेगा.. इसलिए लोगों की सोच को खुद पर हावी मत होने देना…दूसरे लोग आपके लिए अपने निर्णय करते हैं…

नव्या, तुम्हारे नाम,  उपनाम का सौभाग्य तुमको मिला है यह सब तुम्हे किसी भी कठिनाइयों से नहीं बचाएगा, जो कठिनाईयां तुम्हें एक औरत के नाते झेलनी होंगी…

आरध्या- जब समय आएगा.. तब तुम इसे पढ़ोगी और समझ पाओगी शायद तब मैं तुम्हारे पास ना रहूं… लेकिन मैं सोचता हूं जो मैं आज कह रहा हूं शायद तुम्हारे लिए उस समय भी प्रासंगिक होगा…

शायद यह दुनिया महिलाओं के लिए कठिन हो .. मेरा मानना है कि तुमहारी जैसी महिलाएं समाज को बदल सकती हैं… अपना दायरा खुद तय करना, अपनी पसंद खुद बनाना, लोगों के फैसलों से खुद को ऊपर उठाना यह आसान नहीं है लेकिन तुम, हर जगह औरतों के लिए एक मिसाल बन सकती हो

तुम मुझसे कहीं ज्यादा कर सकती हो जो मैंने अब तक किया है… और यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान होगा कि मैं अमिताभ बच्चन की जगह तुम्हारा पर दादा और पर नाना की तरह जाना जाऊं…

मेरा प्यार

तुम्हारा ..दादा …तुम्हारा नाना

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