डेरा प्रमुख राम रहीम साध्‍वियों से दुष्‍कर्म के आरोप में दोषी ठहराये गए

सुनील वर्मा
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर दो महिलाओं से कथित रूप से बलात्कार के आरोप में आज पंचकुला की विशेष सीबीआई कोर्ट के जज जगदीप सिंह ने अपना अपना फैसला सुनाया। अदालत ने उन्‍हें दुष्‍कर्म के आरोप में दोषी करार दिया। अब सोमवार को उनकी सजा पर सुनवाई होगी। उसी वक्‍त उन्‍हें हिरासत में ले लिया गया।
जिस वक्‍त फैसला सुनाया गया पंचकुला में डेरा प्रमुख के समर्थक बड़ी संख्या में मौजूद थे हांलाकि पुलिस व सुरक्षा बलों ने कोर्ट परिसर से कुछ दूरी पर रास्‍ते में खड़े उनके हजारों सर्मथकों को चकमा देते हुए केवल दो गाडियों को कोर्ट के पीछे के रास्‍ते से ले जाकर राम रहीम को अदालत में पेश किया। इसके कुछ देर बाह ही करीब पौले तीन बजे अदालत ने अपना फैसला सुनाते हुए गुरमीत राम रहीम को दोषी करार दिया। जिस वक्‍त फैसला सुनाया गया उस वक्‍त अदालत में सिर्फ राम रहीम और उनके वकील एस के गर्ग , सरकारी वकील और पुलिस तथा सुरक्षा के अधिकारी ही मौजूद थे।
राम रहीम जिस तरह अपनी फिल्मों में सुपर एंट्री करते हैं, अाज उसी तरह का माहौल दिखा। इससे पहले अदालत में पेशी के लिए गुरमीत राम रहीम 800 गाड़ियों के सिरसा में अपने डेरे से काफिले के साथ पंचकूला कोर्ट के लिए रवाना हुए। जब राम रहीम अपने आश्रम से निकल रहे थे, तभी उनके कई समर्थक उन्हें रोकने के लिए गाड़ियों के आगे लेट गए। हालांकि पुलिस ने उन्हें वहां से तुरंत हटा लिया, जिसके बाद कई समर्थक बेहोश हो गए। पंचकूला के आस-पास हेलिकॉप्टर और ड्रोन से निगरानी रखी जा रही थी। पंचकूला के आस-पास 100 बटालियन पैरामिलिट्री फोर्सेस तैनात की गई थी।
इस बीच डीजीपी संधू ने कहा कि हम लोग पूरी तरह से तैयार हैं, आर्मी को अलर्ट पर रखा गया है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 72 घंटों के लिए इंटरनेट संबंधी सेवाएं सस्पेंड कर दी गईं हैं। पंचकूला में हालात को देखते हुए रोडवेज ने कई रूट्स की बसें बंद कर दीं हैं। रेलवे ने भी हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और राजस्थान जाने वाली करीब करीब 200 ट्रेनों को रद्द कर दिया है। स्कूल कालेज बंद कर दिए गए हैं। फैसला आने से कुछ देर पहले चंडीगढ प्रशासन ने शहर के अधिकांश हिस्‍सों की बिजली काट दी। मोबाइल नेटवर्क बंद कर दिए। पूरे हाईवे पर जहां देखों या तौ पुलिस या अर्8सैनिक बलों के जवान दिख रहे थे या बाबा राम रहीम के सर्मथक

वीडियो जारी कर की शांति की अपील
ram-rahim-storyइससे पहले हरियाणा के सिरसा में गुरुवार रात से हालात बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए कर्फ्यू लगा दिया गया था। फैसले को लेकर पंचकूला में हजारों की संख्या में राम रहीम समर्थक मौजूद हैं। फैसला आने के बीच राम रहीम ने एक वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्होंने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। इसके साथ ही बाबा ने समर्थकों से पंचकूला न जाने की भी अपील की है।

कई ट्रेनें हुई रद्द
इस मामले में डेरा समर्थकों की धमकी के बाद हाईकोर्ट ने एक पिटीशन पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को लताड़ लगाई। इस दौरान कोर्ट ने राम रहीम के वकील से कहा, ‘डेरा समर्थकों को पंचकूला से वापसी के लिए कहा जाए.’ पुलिस और सिक्योरिटी फोर्स ने डेरा समर्थकों को खदेड़ने की तैयारी शुरू कर दी है। अाज भी अदालत ने मामलें की सुनवायी की अाैर कहा कि कानून व्यवस्था काे बनाये रखने के लिए अदालत ने सुरक्षा बलाें काे हथियाराें का इस़्तेमाल करने की मंजुरी दी है।

क्या है पूरा मामला?
बताते चलें कि डेरा सच्चा सौदा की स्थापना 1948 में शाह मस्ताना महाराज ने की थी। शाह सतनाम महाराज इसके प्रमुख बने और उन्होंने 1990 में संत गुरमीत सिंह को गद्दी सौंप दी। संत गुरमीत श्रीगंगानगर (राजस्थान) के गांव गुरुसरमोडिया के रहने वाले हैं।
अप्रैल 2002- राम रहीम की अनुयायी एक साध्वी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक शिकायत भेजी थी। साध्वी ने शिकायत में राम रहीम पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।

क्या है पूरा मामला?
बताते चलें कि डेरा सच्चा सौदा की स्थापना 1948 में शाह मस्ताना महाराज ने की थी। शाह सतनाम महाराज इसके प्रमुख बने और उन्होंने 1990 में संत गुरमीत सिंह को गद्दी सौंप दी। संत गुरमीत श्रीगंगानगर (राजस्थान) के गांव गुरुसरमोडिया के रहने वाले हैं।
अप्रैल 2002- राम रहीम की अनुयायी एक साध्वी ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट और तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को एक शिकायत भेजी थी। साध्वी ने शिकायत में राम रहीम पर यौन शोषण का आरोप लगाया था।
मई 2002- शिकायती पत्र को तस्दीक करने की जांच का जिम्मा सिरसा के सेशन जज को सौंपा गया।
दिसंबर 2002- शिकायत सही पाए जाने के बाद राम रहीम के खिलाफ धारा 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया गया था।
दिसंबर 2003- इस केस की जांच सीबीआई को सौंपी गई। जांच अधिकारी सतीश डागर ने केस की जांच शुरू की और साल 2005-2006 में उस साध्वी को ढूंढ निकाला, जिसका यौन शोषण हुआ था।
जुलाई 2007- सीबीआई ने केस की जांच पूरी कर अंबाला सीबीआई कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। अंबाला से केस की सुनवाई पंचकूला शिफ्ट कर दी गई। चार्जशीट के मुताबिक, डेरे में 1999 और 2001 में कुछ और साध्वियों का भी यौन शोषण हुआ, लेकिन वे मिल नहीं सकीं।
अगस्त 2008- केस का ट्रायल शुरू हुआ और डेरा प्रमुख राम रहीम के खिलाफ आरोप तय किए गए।
साल 2011 से 2016- केस का ट्रायल चला। डेरा प्रमुख राम रहीम की ओर से वकील लगातार जिरह करते नजर आए।
जुलाई 2016- केस की सुनवाई के दौरान 52 गवाह पेश किए गए, इनमें 15 प्रॉसिक्यूशन और 37 डिफेंस के थे।
जून 2017- कोर्ट ने डेरा प्रमुख के विदेश जाने पर रोक लगा दी।
25 जुलाई 2017- सीबीआई कोर्ट ने इस मामले में हर रोज सुनवाई करने के निर्देश दिए ताकि जल्द फैसला सुनाया जा सके।
17 अगस्त 2017- दोनों पक्षों की ओर से चल रही जिरह खत्म हुई और फैसले के लिए 25 अगस्त की तारीख तय की गई।

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