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मामूली आय वाला भी  सफल, आरामदेह ज़िन्दगी बिता सकता है

13 मई, श्रीश्री रविशंकर के जन्मदिन पर विशेष

क्या आप चैन से सोना चाहते हैं? क्या आप बिना किसी भय के घूमना चाहते हैं? क्या आप अपना सिर ऊंचा कर के जीना चाहते हैं?

जो सुख आपको एक ईमानदार जीवन जीने से मिलता है वह सुख आपको एक बेईमान जीवन जीने से कभी नहीं मिल सकता। आपके पास आराम के सारे सुख साधन हो सकते हैं, पर इनका कोई अर्थ नहीं यदि आप चैन से सो ना पाएं?

अब आप निर्णय लीजिये कि आपको क्या चाहिए। क्या आप शांति से जीना चाहते हैं, चैन से सोना चाहते हैं, और सिर ऊंचा करके घूमना चाहते हैं? क्या आप निडरता से कह सकते हैं कि आपने एक ईमानदार जीवन जिया है?

यदि आप इसका उत्तर हां में दे सकते हैं, तो आपको जितनी ख़ुशी मिलेगी, जितना संतोष मिलेगा, वह किसी और चीज से नहीं मिल सकता।

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प्रश्न : इस संसार में प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी समस्या से परेशान है। क्या हम इस दुनिया में केवल समस्याओं का समाधान करने के लिए आये हैं?

श्री श्री रविशंकर : यदि आप उन्हें समस्या मानते हैं तो वे आपको समस्या की तरह दिखेंगे। पर यदि आप उन्हें सृष्टि के खेल की तरह लेते हैं तो वो आपको एक स्वाभाविक खेल की तरह दिखेंगे।

कई बार हम अपनी समस्याओं के इतने आदी हो जाते हैं कि उनके बिना हम बेचैन सा महसूस करने लगते हैं| कई बार जब कोई समस्या नहीं होती तो हम अपने लिए खुद समस्याओं का निर्माण कर लेते हैं और फिर अपने आसपास के लोगों के लिए समस्या बन जाते हैं। हमें जीवन के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलना होगा। एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाना होगा।

यह संसार विभिन्नताओं से भरा हुआ है और प्रत्येक व्यक्ति का स्वभाव और व्यवहार एक दूसरे से भिन्न है। इस बात को समझने की आवश्यकता है।

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प्रश्न : दैनिक जीवन में, कार्यालय में या घर पर, अलग अलग लोगों से अलग अलग काम करने की अपेक्षा की जाती है| अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो समस्याएं उत्पन्न होती हैं| हर किसी को अपना काम करना है| कृपया इस पर मार्गदर्शन करें|

श्री श्री रविशंकर : अगर कोई वह काम नहीं करता है जो कि उन्हें करना चाहिए, तो हमें उन्हें बताना चाहिए| हमें हमारे अधिकार का प्रयोग करने की जरूरत है|

अगर वहां आलसी लोग हैं, जो अपना काम नहीं करते हैं, तो हम चुप नहीं बैठ सकते| हमें उन्हें उनके कर्तव्य के बारे में बताने की जरूरत है|

अगर हमें उनके प्रति लालसा या घृणा है तो हम उन लोगों में जागरूकता नहीं ला सकते हैं| यह सिर्फ हमें क्रोधित कर देगा|

प्रस्तुति – अजय विद्युत

 

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