विचार

बाबुओं की समीक्षा

मोदी सरकार नौकरशाही को सुव्यवस्थित और गतिरोध दूर करने के लिए काम कर रही है. सूत्रों का कहना है कि पिछले चार सालों के दौरान यानी 2015 और 2018 के बीच केंद्र ने 1100 से अधिक आईएएस अधिकारियों के सर्विस रि...

लाचार नहीं है चुनाव आयोग!

जाति और धर्म के नाम पर वोट मांगने वाले नेताओं के खिलाफ कार्रवाई न करने को लेकर 15 अप्रैल को सुबह करीब 11 बजे जब सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से जवाब-तलब किया, तो आयोग का जवाब था कि उसके पास पर्याप्त शक...

सम्मत- ये पब्लिक है सब जानती है

प्रदीप सिंह। गुजरात में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के साथ जो हो रहा है वह राजनीति तक सीमित नहीं है। एक बच्ची से बिहार के एक मजदूर के दुष्कर्म की दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने बड़ा रूप अख्तियार कर लिया है।...

सम्मत- आधार नहीं है निराधार

प्रदीप सिंह सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पांच जजों की संविधान पीठ ने चार एक के बहुमत से एक ऐतिहासिक फैसले में आधार कानून को संवैधानिक करार दिया है। देश की सर्वोच्च अद...

ये पब्लिक है सब जानती है

प्रदीप सिंह। गुजरात में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के साथ जो हो रहा है वह राजनीति तक सीमित नहीं है। एक बच्ची से बिहार के एक मजदूर के दुष्कर्म की दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने बड़ा रूप अख्तियार कर लिया है।...

सम्मत- पहले मारे सो मीर

राजनीति में परसेप्शन (धारणा) बहुत अहम होता है। कांग्रेस पार्टी एक के बाद एक परसेप्शन की लड़ाई हारती जा रही है। ताजा मामला राज्यसभा के उपसभापति के चुनाव का है। कांग्रेस ऐसी बाजी हारी है जो थोड़े से प्रया...

सम्मत- एक देश एक चुनाव फायदा ज्यादा नुक्सान कम

प्रदीप सिंह। किसी भी जनतांत्रिक देश में चुनाव सुधार सतत चलने वाली प्रक्रिया है। अपने देश में चुनाव सुधार को लटकाए रखना सतत प्रक्रिया है। जनतंत्र की बढ़ती परिपक्वता, चुनाव प्रचार शैली में आ रहे बदलाव, प...

संपादकीय- कश्मीर चुनौतियां बहुत हैं और समय कम है

प्रदीप सिंह। जम्मू-कश्मीर में पिछले सत्तर साल से हर बदलाव एक उम्मीद की किरण लेकर आता है और कुछ समय बाद निराशा का अंधेरा छोड़कर लौट जाता है। हर बार सूबे और देश के लोगों को लगता है कि इस बार जरूर कुछ बदल...

संपादकीय- राजनीति में अस्पृश्यता के लिए जगह नहीं

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कांग्रेस को कभी रास नहीं आया। कांग्रेस ही नहीं अपने को धर्मनिरपेक्ष कहने वाले राजनीतिक दलों की राजनीति का मूल ही संघ विरोध रहा है। संघ परिवार का विरोध करने वाला और जो कुछ भी मा...

कहां है मोदी का विकल्प

प्रदीप सिंह /संपादक/ओपिनियन पोस्ट केंद्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बनी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की सरकार के चार साल पूरे हो गए। देश की राजनीति वहीं है जहां आज से चार साल पहले थी। मोदी से प्र...

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