राजनीति

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पटनायक को पटखनी देने की फिराक में भाजपा

पिछले डेढ़ दशक से भी ज्यादा समय से राज्य की सत्ता पर काबिज बीजू जनता दल को चुनौती देने के लिए भाजपा ने कमर कस ली है. कांग्रेस भी अपने पुराने दिन वापस लाने की कोशिश में है. लेकिन, बेदाग छवि वाले नवीन प...

नीति और नीयत हो साफ, तो ऐसे बढ़ता है विकास का ग्राफ

सबसे पहले किसानों की पीड़ा दूर करने के लिए कृषि ऋण मोचन योजना की न सिर्फ घोषणा की, बल्कि उसे तत्काल लागू कराकर लाखों किसानों को राहत पहुंचाई. सिर्फ 22 महीने और पिछले 22 साल की बदहाली पीछे छोड़ते हुए आ...

सभी दल चुनावी तैयारी में जुटे

आगामी लोकसभा-विधानसभा चुनाव में विरोधियों को पटखनी देने के लिए सभी सियासी दल अपना साजो-सामान व्यवस्थित करने में जुट गए हैं. भाजपा उत्साह से लबरेज है, तो कांग्रेसी खेमा कुछ मायूस नजर आ रहा है. और, पटना...

बन गया महा-गठबंधन

सारे कयास गलत निकले. राज्य में अंतत: विपक्षी दलों का महा-गठबंधन बन ही गया. उसी फॉर्मूले पर सभी की सहमति बनी, जिस पर कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बीच काफी पहले मौखिक करार हो चुका था. तय यह हुआ क...

कांग्रेस का आखिरी दांव कितनी कारगर साबित होंगी प्रियंका

क्या प्रियंका गांधी वाकई ‘कांग्रेस की आंधी’ हैं? क्या वह कांग्रेस को जिताने में कामयाब रहेंगी? हकीकत जो भी हो, लेकिन एक बात साफ है कि 2019 के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी घबराई हुई है. उसे यह डर स...

भाजपा की राह आसान नहीं

2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के असर से सीमांचल का इलाका प्रभावित नहीं हुआ और भाजपा तीन में से एक भी सीट नहीं बचा पाई. नतीजे बता रहे थे कि यह नीतीश कुमार के एनडीए से अलग होने का इफेक्ट था. 2014 मे...

गठबंधन की गांठ में कितनी ताकत

उत्तर प्रदेश में भाजपा को चुनौती देने के लिए सपा और बसपा ने सालों पुरानी दुश्मनी को तिलांजलि देकर एक मंच पर आना स्वीकार कर लिया. अपनी राजनीतिक जमीन बचाए रखने के लिए दो घोर विरोधी दलों के बीच हुआ गठबंध...

मंत्री का आईएएस बेटा करेगा राजनीति

आईएएस अधिकारियों का राजनीति में आना कोई नई बात नहीं है. समय-समय पर कई अधिकारी राजनीति में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं और मंत्री भी बने हैं. हाल में जम्मू-कश्मीर के शाह फैसल ने आईएएस की नौकरी छोडक़र राजनी...

बहुगुणा की डिनर डिप्लोमेसी

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा फिर से सक्रिय हैं. साल 2017 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद वह ज्यादातर दिल्ली में ही नजर आए, लेकिन लोकसभा चुनाव के पहले अब वह फिर से राज्य की राजनीति में सक्...

‘घर वापसी’ की तैयारी में बिग बी

राजनीति में कोई संबंध स्थायी नहीं होता. सालों की दोस्ती दुश्मनी में बदल जाती है, तो सालों तक एक-दूसरे के विरोध में खड़े रहे लोग भी गले मिल लेते हैं. सालों तक एक- दूसरे की आलोचना करने वाली सपा और बसपा...

नक्सलवाद और अलगाववाद का बुद्धिजीवी मुखौटा है जेएनयू

अधिकारियों की नासमझी के चलते एक छोटे से परिसर की घटना को बेवजह राष्ट्रीय मुद्दा बना दिया गया. केंद्र सरकार ने अगर थोड़े से धैर्य और अक्लमंदी से काम लिया होता, तो यह मुद्दा कभी  बनता ही नहीं. सरकार और...

राजनीति बुला रही है…

राजनीति बुला रही है… शाह फैसल ने जब हाल में जम्मू-कश्मीर में ‘हत्या’ का विरोध करने के लिए आईएएस की नौकरी से इस्तीफा देकर माहौल गरमा दिया था, तब लगा था कि वह राजनीति में शामिल होंगे. 2010 में यूप...

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