राष्ट्रीय

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सीतामढ़ी (बिहार) : रूठों को मनाना एक बड़ी चुनौती

सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र में आगामी छह मई को मतदान होगा. 10 अप्रैल से इस सीट के लिए नामांकन शुरू हो जाएंगे, जो 18 अप्रैल तक चलेंगे. 22 अप्रैल तक नाम वापस लिए जा सकेंगे. जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई...

अररिया (बिहार) मुद्दे-उम्मीदवार गौण, मुकाबले में मोदी

आगामी 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए वोटों का गणित समझने से पहले अररिया के संसदीय इतिहास को जान लेते हैं. अररिया साल 1967 में संसदीय क्षेत्र घोषित हुआ और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया....

बीजद-भाजपा में कांटे की टक्कर

आगामी ११ अप्रैल से चार चरणों में होने वाले लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है. स्थानीय निकाय चुनाव में मिली कामयाबी को देखते हुए भाजपा जोश से लबरेज है, दूसरी ओर नव...

2019 के जंग की रणनीति

राज्य में कांग्रेस की सरकार है, लेकिन उसके बड़े नेता 11 दिसंबर को आए चुनावी नतीजे आज भी भूले नहीं हैं, खासकर मुख्यमंत्री कमल नाथ. हालांकि वह कहते हैं, हमारा हारा हुआ उम्मीदवार भी कांग्रेस सरकार का प्र...

5वीं पारी की तैयारी पर भाजपा भारी

पिछले लगभग चार दशकों से राज्य पर एकछत्र राज करने वाले नवीन पटनायक लगातार पांचवीं बार अपनी सत्ता कायम रखने के लिए मैदान में उतरेंगे. उन्हें चुनौती देने के लिए कांग्रेस और भाजपा एक बार फिर कमर कस कर तैय...

करे कोई, भुगते कोई

कांग्रेस की सरकार नक्सल समस्या के समाधान को लेकर कितनी भ्रमित है, इसका एक जीता जागता उदाहरण है, गोडेलगुड़ा की घटना. इस घटना में दो आदिवासी महिलाओं की मौत को लेकर राज्य के कैबिनेट मंत्री सीआरपीएफ को कठ...

फंस गया राम मंदिर

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या प्रकरण में मध्यस्थों के जरिये हल खोजने की सलाह देते हुए तीन सदस्यीय पैनल गठित कर दिया है, लेकिन पेंच यह है कि इस कार्य में तकरीबन तीन महीने का समय लग सकता है, क्योंकि संबंधित...

विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय : सरकारी उदासीनता से मामला अधर में लटका

अगस्त 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब यह घोषणा की, तो उस समय राज्य सरकार ने स्थानीय लोगों से जमीन देने की अपील कर डाली. केंद्र सरकार ने बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान भी कर दिया. लेकिन,...

भाजपा ने साधे एक तीर से दो निशाने

बाघमारा विधायक के साथ उनकी तकरार बिल्कुल निचले स्तर पर पहुंच गई थी. वे न सिर्फ जनसभाओं में एक-दूसरे के खिलाफ आग उगल रहे थे, बल्कि महिला कार्यकर्ताओं के जरिये एक-दूसरे पर यौन उत्पीडऩ के आरोप भी लगा चुक...

नक्सलियों के निशाने पर नेता

चुनाव निकट आते ही नक्सली संगठनों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं. बंदूक की नली से सत्ता की राह निकलने की बात करने वाले नक्सली हर बार चुनाव को रक्तरंजित करने का प्रयास करते हैं. लोकतंत्र के महापर्व में नक्स...

हिंदुत्व के सहारे भाजपा

किशनगंज से सिर्फ एक बार छोड़, कोई गैर मुस्लिम लोकसभा चुनाव जीत नहीं सका. जबकि अररिया और कटिहार से 1998 से 2009 तक भाजपा उम्मीदवार ही जीतते रहे. 2014 में मोदी की प्रचंड लहर के बावजूद सीमांचल में मात खा...

जातीय समीकरण करेंगे जीत-हार का फैसला

नवादा लोकसभा क्षेत्र का इतिहास बताता है कि यहां जाति के भरोसे ही चुनाव लड़े जाते रहे हैं. शुरुआत से लेकर आज तक के परिदृश्य की बात करें, तो कोई बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ा है. विकास समेत विभिन्न मुद्दे...

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