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यौन शोषण के विराेध पर कंडक्टर ने की थी रेयान स्कूल के छात्र की हत्या

असफल रहने पर भेद खुलने के डार से रेत दिया था गला

अाेपिनियन पाेस्ट
गुरूग्राम के रेयान इंटरनेशनल स्‍कूल में दुसरी कक्षा में पढने वाले सात साल के प्रदुम्‍न की गला रेतकर हुई हत्‍या में पुलिस ने स्‍कूल की गाडी के एक कंडक्‍टर को गिरफ्तार कर लिया है। उसने बच्‍चे से कुकर्म का विरोध करने पर प्रदुम्‍न की हत्‍या कर दी थी। देश में ऐसा पहली बार हुआ है कि किसी स्कूल में 7 साल के बच्चे की हत्या कर दी गई हो। बच्चे के साथ यौन शोषण की कोशिश हुई हो। गुरुग्राम के इस दिल दहला देने वाले इस मामले में पुलिस ने स्कूल बस के कंडक्टर को गिरफ्तार भले कर लिया है, लेकिन परिवार वाले स्कूल पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। परिवारवालों का कहना है कि ये हत्या किसी और ने की है।

बच्चे की मां ज्‍योति ठाकुर ने कहा, ”कंडक्टर को मोहरा बनाया गया है। हत्या किसी और ने की है।” उन्होंने बताया है’, ”वह कभी बस से स्कूल नहीं जाता था। हर दिन मैं ही उसको स्कूल छोड़ कर आती थी।” घटना के बाद स्कूल के बाहर लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

आरोपी कंडक्टर ने अपना गुनाह कबूला- पुलिस

पुलिस के मुताबिक कंडक्टर ने ही बच्चे के साथ यौन शोषण की कोशिश की। नाकाम होने पर उसने बच्चे की गला काटकर हत्या कर दी। पुलिस के मुताबिक, आरोपी कंडक्टर ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। आज आरोपी कंड़क्टर को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

अशोक ने कहा, ”मेरी बुद्धी भ्रष्ट हो गई थी. मैं अपनी हर सज़ा भुगतने के लिए तैयार हूं। उसने कहा कि मैं बाथरुम में था और फिर वहां बच्चा आ गया।” उसने बताया कि चाकू बस में ही पड़ा था।”

बाथरूम में बच्चे के साथ यौन शोषण की कोशिश 

पुलिस के मुताबिक अशोक कुमार नाम के इस कंडक्टर ने स्कूल के बाथरूम में बच्चे के साथ पहले यौन शोषण की कोशिश की और जब मासूम डर कर चिल्लाने लगा तो इसने बच्चे का चाकू से गला रेत दिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि कंडक्टर ने इस वारदात को अकेले अंजाम दिया।

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 स्कूल प्रशासन पर खड़े हो रहे हैं बड़े सवाल

हत्यारा अशोक रेयान स्कूल में पिछले आठ महीने से काम कर रहा था। वो गुड़गांव के ही घामरोज गांव का रहनेवाला है। हत्या का आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गया है लेकिन जिस तरह दूसरी क्लास में पढ़ने वाले बच्चे की स्कूल के भीतर हत्या हुई वो स्कूल प्रशासन पर बड़े सवाल खड़े करता है।

  • स्कूल के अंदर जब माता-पिता तक नहीं जा सकते तो कंडक्टर कैसे चला गया?
  • स्कूल में बच्चों का टॉयलेट अलग क्यों नहीं था?
  • क्या महंगी-महंगी फीस लेने वाले स्कूल प्रशासन पर लापरवाही की वजह से बड़ा एक्शन होना चाहिए?

बच्चे के परिवार में पसरा है मातमरेयान स्कूल सवालों के घेरे में है, लेकिन स्कूल की कार्यकारी प्रिंसिपल लापरवाही मानने को तैयार नहीं हैं। बच्चे के परिवार में मातम पसरा है। वो सदमे में हैं और लोगों में गुस्सा है। वो इंसाफ मांग रहे हैं। स्कूल सफाई दे रहा है, लेकिन सात साल का वो मासूम हमेशा के लिए चला गया। उसके दोस्त अब भी ये मानने को तैयार नहीं कि वो अब नहीं लौटेगा।

मासूम बच्चों के साथ यौन शोषण की शिकायतें पहले भी स्कूलों में सामने आ चुकी हैं। लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी बच्चे के साथ स्कूल के अंदर यौन शोषण की कोशिश हुई और उसकी हत्या कर दी गई। साफ है कि स्कूलों में अपने कलेजे के टुकड़ों को महफूज रखने के लिए बड़ा कदम उठाना होगा।

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