विजय माथुर

मोदी का तूफान और न्याय का दीया

चुनावी राजनीति के अखाड़े में तार-तार होती मर्यादा ने इस बार पूरी तरह जता दिया कि उसने राजनेताओं की सहोदर होना छोड़ दिया है. जनसभाओं एवं रैलियों में लोगों को रिझाने के लिए राजनेताओं ने एक-दूसरे पर जिस...

खिलाड़ी बिगाड़ रहे हैं खेल

लोकसभा चुनाव को लेकर राज्य में अगर कुछ तय है, तो यह कि इस बार कांग्रेस फिसड्डी नहीं रहने वाली. 2014 के चुनाव में मोदी लहर के चलते कांग्रेस की झोली खाली रह गई थी. भाजपा इस बार भले ही २५ का आंकड़ा न दोह...

कांग्रेस चेती, भाजपा ने नहीं बदला ढर्रा

लगता है, भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के नतीजों से कोई सबक नहीं लिया. यही वजह है कि लोकसभा चुनाव सिर पर होने के बावजूद पार्टी के अंदरखाने कलह थमने का नाम नहीं ले रहा. इसके ठीक विपरीत कांग्रेस...

टकराव में रिसती कड़वाहट

सत्ता और सियासत के बीच छिडऩे वाली जंग कभी खत्म नहीं होती. गाहे-बगाहे टीस सांकेतिक रूप से उफनती रहती है और नाजुक मौकों पर पार्टी को डुबोने का काम करती है. यह समझने के बजाय समझाने के सियासी स्वाइन फ्लू...

राजे का पुराना राग

खुद को पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया जाना पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को खासा नागवार गुजर रहा है. वह राज्य की राजनीति में अपना दखल किसी भी कीमत पर छोडऩे को तैयार नहीं हैं. उन्हें लगता है कि द...

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