शशि शेखर

आप क्यों हो गई साफ

एक तथ्य यह भी है कि पार्टी के कई विधायकों ने लोकसभा चुनाव से खुद को दूर रखा. उन्होंने उम्मीदवारों को वह समर्थन नहीं दिया, जिसकी जरूरत थी. इसकी वजह यह बताई जा रही है कि ऐसे विधायक अपने नेता यानी अरविंद...

इलेक्टोरल बॉन्ड : चुनावी चंदे का स्रोत सार्वजनिक होना जरूरी

नगद हो या चेक, चुनावी रसीद हो या इलेक्टोरल ट्रस्ट या फिर नया-नवेला इलेक्टोरल बॉन्ड. चुनावी चंदे के किसी भी प्रकार को लेकर सबसे महत्वपूर्ण सवाल सिर्फ एक है कि क्या चुनावी चंदे में काला धन इस्तेमाल हो र...

बिहार की राजनीति के ‘वीआई पी’

आम तौर पर भारतीय राजनीति को एलीट क्लास का ‘खेल का मैदान’ माना जाता रहा है. लेकिन, बीच-बीच में यहां आम आदमी का हस्तक्षेप भी होता रहा है. नेहरू के एलिटिज्म को चुनौती देते हुए लोहिया हों या इंदिरा की तान...

विपक्षी एकता हुई निजी महत्वाकांक्षाओं का शिकार

मजबूत विपक्ष मजबूत लोकतंत्र की एक आवश्यक शर्त है. सिर्फ इसलिए नहीं कि सत्ता पर अंकुश बनाए रखना जरूरी है. इसलिए भी कि सत्ता से सवाल करते रहने का काम भी विपक्ष का ही है. लेकिन, भारतीय लोकतंत्र में आम तौ...

मोदी जी का राष्ट्रीय गोकुल मिशन टायं-टायं फिस्स…!

मकसद बहुत पाक था, योजना ठोस थी और संसाधनों की कोई कमी नहीं थी, लेकिन हीलाहवाली और लापरवाह रवैये के चलते सरकार लक्ष्य साधने से चूक गई. यही वजह है कि पांच साल में केवल चार गोकुल ग्राम ही बन सके. कौन है...

मर-मर गंगे

नमामि गंगे का सच हर-हर गंगे… आज भी इस उद्घोष के साथ गंगा स्नान करने वाले लोग मोक्ष पाने की कामना रखते हैं. मोक्षदायिनी गंगा सदियों से करोड़ों भारतीयों की आस्था और आजीविका का जरिया रही है. बदले म...

×