कुमार कृष्णन

कुमार कृष्णन

विकास की आड़ में पहाड़ों की लूट

नेतरहाट की पहाडिय़ां अपने सौंदर्य के लिए देश भर में विख्यात हैं, लेकिन खनन कंपनियां उनकी सुंदरता पर ग्रहण लगा रही हैं. वे यहां की अपार खनिज संपदा लूटने पर आमादा हैं, जिससे आदिवासियों का जीवन दूभर हो गय...

तंत्र के शिकार आदिवासी बेदखली की कगार पर

जंगल और आदिवासियों के बीच अटूट रिश्ता रहा है. वे खुद को जंगलों-वनों एवं नदियों-पहाड़ों का प्राकृतिक संरक्षक और उन्हें अपना पूर्वज-संबंधी मानते हैं. उनके गीतों, नृत्यों, कहानियों और जीवन की हर धडक़न में...

जान देंगे, जमीन नहीं देंगे

सितंबर 2012 में बनी झारखंड सरकार की ऊर्जा नीति अक्टूबर 2016 में बदल दी गई. इसके प्रावधानों में संशोधन किए गए और रघुवर दास कैबिनेट ने उस पर मुहर लगा दी. इससे पहले सरकार ने कोई सर्वे नहीं कराया और न किस...

विक्रमशिला केंद्रीय विश्वविद्यालय : सरकारी उदासीनता से मामला अधर में लटका

अगस्त 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब यह घोषणा की, तो उस समय राज्य सरकार ने स्थानीय लोगों से जमीन देने की अपील कर डाली. केंद्र सरकार ने बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान भी कर दिया. लेकिन,...

हॉट सीट पर जबरदस्त भिड़ंत के आसार

मोकामा के निर्दलीय विधायक अनंत सिंह ने मुंगेर लोकसभा सीट से चुनाव लडऩे की घोषणा क्या कर दी, पूरे राज्य में उबाल आ गया. एकाएक मुंगेर ‘हॉट सीट’ में तब्दील हो गया. अनंत और ललन अभी सियासी चालें चल ही रहे...

किसान चाची ने दिखाई जीने की राह

परिवार को दो वक्त की रोटी कैसे मयस्सर हो, इस उधेड़बुन में राजकुमारी देवी ने परंपरागत खेती छोडक़र जो नया रास्ता अख्तियार किया, वह न केवल उनके लिए राम-बाण साबित हुआ, बल्कि अनेक दीगर किसानों-महिलाओं की भी...

गांधी के गांव को भूल गए नीतीश कुमार

गांधी के रास्ते पर चलने का दावा करने वाली राज्य सरकार ने उनकी कर्मभूमि को ही बिसार दिया. भितिहरवा इस बात का जीता-जागता उदाहरण है, जहां के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. साल 2019 में राष्ट्र...

सोहराई को सहेजने की जरूरत

राज्य के आदिवासी बहुल क्षेत्रों में सोहराई पर्व के दौरान देसज दुधि माटी से सजे घरों की दीवारों पर महिलाओं के हाथों के हुनर अब बमुश्किल से देखने को मिलते हैं. झारखंड में प्रचलित सोहराय पर्व हमारी सभ्यत...

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