आेडि़शा के निजी अस्पताल में भीषण आग, घायलों की संख्या बढ़ी

ओडि़शा की राजधानी भुवनेश्वर के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड एसयूएम हॉस्पिटल में सोमवार शाम लगी आग में करीब उन्नीस लोगों की मौत की खबर है जबकि 100 से ज्यादा घायल बताए जा रहे हैं।

ज्यादातर मरीजों की मौत दम घुटने से हुई है। हालांकि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया है। सीएम नवीन पटनायक ने घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन चैंबर में शॉर्ट सर्किट के चलते ये आग लगी। ज्यादातर लोगों की मौत दम घुटने से बताई जा रही है।

इस घटना को लेकर पीएम मोदी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से फोन पर बात की। नड्डा ने पूरी घटना के बारे में पीएम मोदी को जानकारी दी। पीएम मोदी ने सभी घायलों को तुरंत दिल्ली के एम्स में लाने के लिए कहा है। साथ ही पीएम ने ट्वीट कर घटना पर गहरा दुख जताया है। मोदी ने ट्वीट किया, ‘ओडि‍शा के अस्पताल में लगी आग में लोगों की जान जाने से काफी दुखी हूं। यह त्रासदी दिमाग को झकझोर देने वाली है। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवारों के साथ हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने ट्वीट कर कहा कि केंद्र इस मामले में ओडिशा को हर जरूरी मदद दे रहा है। नड्डा ने कहा कि वह पहले ही भुवनेश्वर स्थित एम्स के अधिकारियों से बात कर चुके हैं और उनसे मरीजों को हर जरूरी मदद करने को कहा है।

शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगने की आशंका जताई जा रही है, इस बीच जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दे दिए हैं कि आखिर आईसीयू वार्ड में ये आग कैसे लगी। आग की खबर लगते ही अस्पताल के बाहर के लोगों की भीड़ लग गई थी।

पुलिस आयुक्त कार्यालय और दमकल कर्मियों ने स्वयंसेवकों एवं अस्पताल कर्मियों के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया, क्योंकि 500 से ज्यादा मरीज इमारत में फंसे हुए थे। आग पर काबू पाने के लिए कम से कम सात अग्निशमन वाहनों को लगाया गया और नाजुक हालत वाले मरीजों को अन्य अस्पतालों में भेजने के लिए एक दर्जन से ज्यादा एंबुलेंस लगाई गईं।

साल 2011 में कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल में भीषण आग लगी थी जिसकी चपेट में आने से 89 लोग मारे गए थे जिनमें 85 मरीज थे।

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