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पंजाब- बादलों से वसूल कर चुकाएंगे किसानों का कर्ज

Newly-elected Amritsar MP Capt Amarinder Singh in Sector 10 of Chandigarh on Monday, May 26 2014. Express photo by Sumit Malhotra

पंजाब में अकाली दल बादल और भाजपा के गठबंधन वाली सरकार को दस साल हो गए हैं। इस दौरान बुहत कुछ ऐसा हुआ जिसके कारण राज्य में अकाली दल सरकार के खिलाफ जनता के बीच नकारात्मक माहौल दिखाई दे रहा है। पंजाब में विधानसभा चुनाव दरवाजे पर है। सत्ता में वापसी की उम्मीदों से उत्साहित सूबे में कांग्रेस के मुखिया कैप्टन अमरिंदर सिंह से चुनाव और उससे जुड़े मुद्दों पर विशेष संवाददाता सुनील वर्मा ने खास बातचीत की।

आम आदमी पार्टी (आप) कांग्रेस की कीमत पर आगे बढ़ रही है और कांग्रेस के विकल्प के रूप में सामने आ रही है। खासतौर से पंजाब में, आपका क्या मानना है?

जो लोग पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) को कांग्रेस के विकल्प के रूप में देख रहे हंै, वे धोखे में हैं। हालांकि, पार्टी ने अपने ऊंचे विचारों व बड़े-बड़े दावों के साथ राज्य में अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन जल्द ही बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अपनी जकड़ में लेने वाले स्कैंडलों के कारण पंजाब ही नहीं दूसरे राज्यों में भी पार्टी की साख खत्म हो चुकी है। आप के नेताओं पर उन्हीं के वालंटियर और कार्यकर्ता रिश्वत लेने के आरोेप लगा रहे हैं। नशे के कारोबार में शामिल होने और महिलाओं के यौन शोषण के आरोप लगाते हुए लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं। जो लोग पंजाब के बारे में जानकारी रखते हैं उनसे पूछिए कि इन दिनों बादलों और आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर कांग्रेस में शामिल होंने वालों की होड़ लगी है। ये सिलसिला और तेज होने वाला है। बीते कई महीनों में आम आदमी पार्टी ने बड़े स्तर पर विद्रोह का सामना किया है। इसी कारण अरविंद केजरीवाल की हालत इन दिनों काफी खराब है। पंजाब के लोग शुरू में उनके झांसे में आ गए थे। लेकिन जैसे-जैसे दिल्ली में उनकी सरकार की विफलता और उनकी पार्टी के नए-नए ड्रामे सामने आए तो लोगों का उनसे भरोसा खत्म होने लगा। राज्य के लोगों को लगने लगा कि केजरीवाल को पंजाब की जमीनी हकीकत के बारे में पूरा ज्ञान नहीं। जो इंसान कभी पंजाब का वाशिंदा नहीं रहा है, जो यहां के लोगों की समस्याओं और परेशानियों कोे नहीं जानता है, उसकी पार्टी राज्य को क्या राजनीतिक विकल्प दे सकती है।

क्या कारण है कि पंजाब में अकाली दल सरकार के खिलाफ 10 साल की एंटी इनकंबेंसी जमीन पर कहीं दिखाई नहीं दे रही। जनता के बीच सरकार की खिलाफत का बड़ा माहौल दिखाई नहीं दे रहा?
जो लोग ऐसा मानते हैं कि जमीनी स्तर पर सरकार के खिलाफ कोई विरोध नहीं है? वे संभवत: पूरे राज्य के लोगों के बीच में नहीं गए हैं। मैं हर क्षेत्र के लोगों से मिल चुका हूं और उनकी समस्याएं सुन रहा हूं। वे पहले कभी इतने परेशान नहीं थे। लोग बादलों के डर से बाहरियों के सामने खुलकर बोलने से डर रहे हैं। लोगों को डर लगता है कि कहीं सरकार या बादलों के खिलाफ बोलने पर उनका कोई नुकसान न हो जाए। मैं दावे के साथ कहता हूं कि एक बार चुनाव आचार संहिता लागू हो जाए तब देखिएगा कि लोग बगैर किसी डर के अकालियों के खिलाफ बाहर निकलेंगे। पंजाब के लोग बादलों को उठाकर बाहर फेंक देंगे।

आम आदमी पार्टी खुद को विकल्प के तौर पर पेश कर रही है जबकि लगना चाहिए था कि कांग्रेस सरकार का विकल्प होगी?
मैं पहले ही बता चुका हूं कि आम आदमी पार्टी ने शुरुआत में भले ही झांसे में लेकर पंजाब में विकल्प बनने की कोशिश की थी। लेकिन अब जबकि उसकी पोल खुल चुकी है तो वह पंजाब में न तो शासन का विकल्प है, और न कभी बन सकती है। पंजाब के लोग समझ गए हैं कि आम आदमी पार्टी कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है, बल्कि चुनावों के जरिए चंदा एकत्र करने वाले लोगों का एक गैंग है। उसे जनता के हितों से कोई लेना देना नहीं है। इसके नेता सिर्फ धन कमाने और अपने हितों के लिए काम करते हैं। जब चुनाव के परिणाम आएंगे तो खुद देखिएगा कि पंजाब में सरकार के लिए असली विकल्प सिर्फ कांग्रेस है।

नवजोत सिंह की पत्नी और परगट सिंह कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। लेकिन नवजोत सिंह ने अभी कांग्रेस के साथ आने का ऐलान नहीं किया है। क्या सिद्धू कांग्रेस के साथ आएंगे? अगर नहीं आएंगे तो उनकी भूमिका क्या होगी?
बीते कुछ दिनों में मैं अलग-अलग मौकों पर ये बात कह चुका हूं कि नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस में शामिल होंगे और पार्टी के लिए एक स्टार प्रचारक की भूमिका निभाएंगे। बस सिर्फ समय का मुद्दा है कि वह कब औपचारिक तौर पर पार्टी में शामिल होते हैं। क्योंकि हम चाहते हैं कि वह खुद अपनी तरह से पार्टी में शामिल होने का ऐलान करें। नवजोत सिंह अगर अमृतसर से लोकसभा का चुनाव लड़ना चाहेंगे तो इसके लिए भी प्रदेश कांग्रेस को कोई एतराज नहीं है। लेकिन उन्हें टिकट देने का अधिकार पार्टी हाईकमान सोनिया गांधी और राहुल गांधी ही करेंगे।

बादल सरकार की विफलता के सबसे बड़े कौन से कारण मानते हैं आप?
बादल पंजाब के शासकों के रूप में पूरी तरह विफल रहे हैं। मैं आपको बताना चाहता हूं कि इनकी असफलताओं की सूची बहुत लंबी है, जिन्हें कुछ शब्दों में नहीं बयान किया जा सकता। हां, इनकी सफलताओं का व्याख्यान करना ज्यादा आसान होगा, जो कि शून्य है। बादलों के शासन में आर्थिक, औद्योगिक व कृषि क्षेत्र पूरी तरह से तबाह हो चुके हैं। कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर हो गई है। बादलों का सरंक्षण प्राप्त माफिया राज्य में खुलेआम अपनी गुंडागर्दी कर रहे हैं। बेरोजगारी और नशे के चलते राज्य की एक युवा पीढ़ी बर्बाद हो चुकी है। दलित पिछड़ चुके हैं और डरी हुई जिंदगी जी रहे हैं। पंजाब में पिछले दस सालों के शासन में बादलों ने एक काम पूरी मेहनत के साथ किया है वो पंजाब को लूटने का। इस दौरान वे बेहद अमीर बन गए हैं। उनकी घरेलू प्रॉपर्टी से लेकर करोड़ों के हॉस्पिटैलिटी, मीडिया, ट्रांसपोर्ट कारोबार कई गुना बढ़ गए हैं।
बादलों ने राज्य को अभूतपूर्व पानी के संकट में धकेल दिया है। एसवाईएल के गंभीर मुद्दे पर पंजाब के हितों को पूरी तरह बेच दिया है। वास्तव में ये हालात, पंजाब में आतंकवाद को पुन: जीवित करने को तैयार हैं, जो पंजाब व इसके लोगों का ख्याल रखने वालों के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

नशे का कारोबार और नौजवानों में नशे की लत आज पंजाब की सबसे बड़ी समस्या है। इसके बढ़ने की मूल वजह क्या मानते हैं आप, इससे निपटने का क्या ब्लूप्रिंट है आपके पास?
हर कोई जानता है कि शराब व नशा माफिया को बादलों और उनके साथियों का सरंक्षण प्राप्त है। पंजाब की कमान संभालने के चार सप्ताह के भीतर नशाखोरी का खात्मा करने के प्रति वचनबद्ध हूं। मेरी हाल ही में शुरू हुई मुहिम-हर घर तों इक्क कैप्टन, इस समस्या से निपटने की दिशा में मेरी योजना का एक हिस्सा है। मैं सुनिश्चित करूंगा कि नशे का सेवन न करने के बदले प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को एक नौकरी मिले। इस तरीके से, मैं उनकी बेरोजगारी की समस्या का हल करने के साथ सुनिश्चित करूंगा कि युवाओं को नशे की लत से मुक्ति दिलाई जाए।

पंजाब पर 17 हजार करोड़ का कर्ज है किसानों पर भी बड़ा कर्ज है। रिजर्व बैंक ने राज्य को और कर्ज देने से मना कर दिया है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। कांग्रेस की सरकार बनी तो इस बोझ से निबटने की क्या नीति होगी?
किसानों के प्रति मेरी वनचबद्धता बहुत साफ और स्पष्ट है। मैं पंजाब के किसानों को आश्वस्त करता हूं कि उनके कर्ज का प्रत्येक पैसा माफ कर दूंगा। मेरी सरकार बनने के तुरंत बाद उनके कर्जों को चुका दिया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि किसानों को अपने कर्जों के लिए अपनी जेब से एक भी पैसे की अदायगी न करनी पड़े। यदि जरूरत पड़ी, तो मैं बादलों द्वारा पंजाब के लोगों से लूटा गया धन वापस लेकर इसका इस्तेमाल किसानों के कर्जों को सेटल करने के लिए करूंगा।

चंडीगढ़ निकाय चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। ऐसे में पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनाने का आप का दावा कितना दमदार है?
मुझे पूर्ण विश्वास है कि चंडीगढ़ नगर निगम के नतीजों का पंजाब में विधानसभा चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मैं समझता हूं कि चंडीगढ़ निकाय चुनाव में जबरदस्त धांधली हुई है, जो पंजाब में होनी संभव नहीं है। इसके अलावा, पंजाब के मतदाताओं के मुद्दे पूरी तरह से भिन्न हैं। चंडीगढ़ को केंद्र सरकार द्वारा नियंत्रित किया जाता है, उन्हें अकाली कुशासन का सामना नहीं करना पड़ा है, जिसका पंजाब के लोगों ने बीते 10 सालों के दौरान सामना किया है। इसलिए चंडीगढ़ में भाजपा की जीत को ज्यादा महत्व देने की आवश्यकता नहीं है।

आपके परिवार पर लगे विदेशी खातों के आरोप की सच्चाई आखिर क्या है?
मेरे और मेरे परिवार के खिलाफ स्विस बैंक खातों में धन रखने के आरोपों का कभी भी कोई आधार नहीं रहा है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बीते लोकसभा चुनावों के दौरान अरुण जेतली के जरिये एक राजनीतिक हथकंडा देने के लिए पैदा किया गया एक प्रेत है, जो सफल नहीं हो सका। जेटली एक बड़े अंतर से हार गए थे। इंफोर्समेंट डायरेक्टोरेट (ईडी) सहित अलग-अलग एजेंसियों की सभी तरह की जांच और सभी सवालों के बावजूद, ये हमारे खिलाफ कुछ भी खोजने में नाकाम रहे हैं। यही कारण है कि इन्होंने अगले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर मुझे बदनाम करने व सत्तारूढ़ अकाली-भाजपा गठबंधन की असफलताओं से चुनावी एजेंडा भटकाने के लिए एक बार फिर से यह मुद्दा उठाया है। लेकिन लोग अब समझदार हो गए हैं। लोग अब बादलों के या बीजेपी के इस एजेंडे के झांसे में आने वाले नहीं हैं। 

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