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चेतन भगत- सद्गुरु, कोई उत्साह तोड़ दे तो खुद को फिर से प्रेरित कैसे करूं

मशहूर लेखक चेतन भगत आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु से पूछ रहे हैं कि जब निराश होता हूं, कोई उत्साह तोड़ देता है तो आत्मविश्वास कैसे लाया जाए

आध्यात्मिक गुरु और मानवतावादी सद्गुरु ‘यूथ  एंड ट्रुथ’ श्रृंखला के तहत युवाओं से उनके व्यावहारिक जीवन की स्थितियों और समस्याओं पर लगातार बातचीत करते रहे हैं। उनके समाधान सुझाते रहे हैं। इसी क्रम में सद्गुरु से बात की लोकप्रिय और बेस्टसेलर लेखक चेतन भगत ने। 

चेतन भगत : सद्गुरु, मैं चेतन भगत हूं। सवाल है कि मैं खुद को फिर से प्रेरित कैसे करूं। मैं उन मुश्किल हालात में अपना साहस फिर से इकट्ठा करके अपने लक्ष्य की तरफ कैसे बढूं। जब मैं बहुत निराश होता हूं, जब मैं किसी असफलता का सामना करता हूं, जब कोई मेरा उत्साह तोड़ देता है… चीजें काम नहीं कर रही होतीं या बहुत समय लेती हैं… मैं जीवन में खुद को प्रेरित कैसे रख सकता हूं?

सद्गुरु: नमस्कारम् चेतन। हमें यह समझना चाहिए कि अगर हम खुद को प्रेरित करते हैं या किसी से प्रेरित होते हैं तो हमेशा कोई ऐसा भी हो सकता है जो हमारा उत्साह तोड़ दे। अगर कोई चीज हमें उठाती है तो कोई चीज हमें गिरा भी सकती है। मूल रूप से प्रेरणा का मतलब यह है कि आप एक झूठा आत्मविश्वास बनाते हैं। किसी व्यक्ति को आत्मविश्वास की जरूरत केवल तभी होती है जब उसमें जरूरी स्पष्टता की कमी होती है। जब स्पष्टता नहीं होती तभी हम आत्मविश्वास चाहते हैं। जहां स्पष्टता होती है आपको आत्मविश्वास की जरूरत नहीं होती। अगर मैं आपको यहां चलने के लिए कहूं जहां अच्छी रोशनी है तो यहां चलने के लिए किसी को आत्मविश्वास की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आप किसी को अंधेरे में चलने के लिए कहें तो अचानक उन्हें आत्मविश्वास की जरूरत पड़ती है क्योंकि स्पष्टता नहीं होती।

लोग मानने लगे हैं कि आत्मविश्वास स्पष्टता का विकल्प है। स्पष्टता का कोई विकल्प नहीं है। अगर हम अपने जीवन में स्पष्टता लाने की कोशिश नहीं करते। अगर हम अपना जीवन आत्मविश्वास के गुब्बारे के साथ जीने की कोशिश करते हैं तो कोई न कोई उसमें सुई चुभाकर उसे नीचे गिरा देगा… या जीवन के हालात वैसे भी यह कर ही देंगे। यह कुछ ऐसा है कि आप बाहर थे और किसी ने आपसे कहा कि आप दुनिया के सबसे शानदार इंसान हैं… आप बादलों पर तैरने लगते हैं। आप घर आए और घरवालों ने आपको आपकी असलियत बता दी… और फुस्स, आप नीचे आ गए।

तो यह बहुत महत्वपूर्ण है कि इंसानों को अपने जीवन के हर आयाम में स्पष्टता लाने की कोशिश करनी चाहिए। अगर हम आत्मविश्वास से काम चलाने की कोशिश करेंगे- जो या तो हालात से या लोगों से प्रेरित होता है… या जो भी हम सोचते हैं कि इस दौड़ के अंत में हमें मिलने वाला है- तो यह प्रेरित आत्मविश्वास हमेशा नीचे आता है। यह स्पष्टता का विकल्प नहीं है। केवल स्पष्टता होने पर ही आप सहजता से चल पाएंगे। अगर किसी इंसान को इस जीवन से सहजता से गुजरना है तो स्पष्टता जरूरी है।

स्पष्टता आपको उपहार के तौर पर नहीं मिलती। इसके लिए हमें मेहनत करनी पड़ती है। स्पष्टता लाने की एक पूरी प्रणाली है। मगर हमारी शिक्षा प्रणालियां सूचना का ढेर बनकर रह गई हैं इसलिए हम आत्मविश्वास से काम चलाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर हमारी शिक्षा प्रणाली का मकसद हमारे बोध के उपकरणों को तेज करना होता तो निश्चित रूप से हमारे अंदर स्पष्टता आ जाती। यह बहुत महत्वपूर्ण है कि एक इंसान के तौर पर आप अपने जीवन में स्पष्टता लाने का प्रयास करें।

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