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क्‍या तेजस्‍वी की जगह लालू की दूसरी बेटी रागिनी बनेंगी डिप्‍टी सीएम ?

कांग्रेस की मध्‍यस्‍थता से निकल रहा है बीच का रास्‍ता

लालू की दूसरे नंबर की बेटी रागिनी यादव

सुनील वर्मा
ऐसा लग रहा है कि जेडीयू की तरफ से तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर महागठबंधन में लगातार बढ़ रही दरार को कम करने के लिए फार्मूला ढूंढ लिया गया है। माना जा रहा है कि मध्यस्थ की भूमिका में आई कांग्रेस ने लालू यादव को तेजस्‍वी के इस्‍तीफे के लिए मना लिया है। उनकी जगह लालू की दूसरे नंबर की बेटी रागिनी यादव को डिप्‍टी सीएम का पद सौंपा जा सकता है। सूत्रों की माने तो जेडीयू को भी इस पर कोई ऐतराज नहीं है।
बतााया जा रहा है कि इस फार्मूले को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव दोनों से बातचीत भी की है। माना जा रहा है कि लालू प्रसाद यादव के रांची से लौटने के बाद शनिवार को इस पर अंतिम फैंसला हो सकता है। वैसे अब जो रास्ता बचा है उसमें तेजस्वी यादव का इस्तीफा तय माना जा रहा है।
बताया जा रहा है क बीच को ये रास्‍ता महागठबंधन के बीच बढ़ रही तनातनी को कम करने के लिए कांग्रेस की तरफ से हुई पहल के बाद निकला है। वैसे सार्वजनिक रूप से अभी जहां तक तेजस्वी यादव के इस्तीफे की बात है तो इस पर जनता दल किसी समझौता के लिए तैयार नहीं है। जेडीयू का मानना है कि तेजस्वी यादव को पद छोड़ देना चाहिए और ये आरजेडी पर निर्भर करता है कि वो चाहे जिसे उनकी जगह दे। इसी फार्मूले के बाद सोनिया गांधी ने लालू से बात की तो सूत्रों के मुताबिक लालू ने दूसरे नंबर की बेटी रोहिणी यादव के नाम पर अभी अंतिम रूप से कुछ नही कहा है । रोहिणी यादव का ससुराल किसी राजनैतिक दल से संबंधित नहीं है। लालू इस बारे में कल रांची से लौटने के बाद अपने परिवार से बातचीत कर अंतिम फैसला लेंगे।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस किसी भी कीमत पर महागठधंन को एकजुट रखना चाहती है। खासकर उपराष्ट्रपति के चुनाव तक और इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नीतीश कुमार और लालू यादव से बातचीत कर हल निकलने की गुजारिश भी की है। दाेनों दलाें के बीच मतभेद न दिखें इसके लिए आरजेडी ने अपने प्रवक्ताओं को बयान देने से मना कर दिया है।
दरअसल, कल आरजेडी विधायक भाई वीरेन्द्र के 80 विधायक के बयान पर जनता दल (यू) ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जेडीयू का कहना है कि नीतीश कुमार सत्ता के भूखे नहीं हैं। उन्हें इस्तीफा देने में पांच मिनट भी नहीं लगेंगे। आरजेडी भी गठबंधन तोड़ने के पक्ष में नहीं है। ऐसे में रास्ता यही है कि फिलहाल तेजस्वी यादव से इस्तीफा लिया जाये। हांलाकि तेजस्वी यादव ने ट्वीट के जरिए लिखा है कि भूंजा खाओं और मस्त रहों। यानी वो इन सब बातों से अपने को बेफिक्र जताना चाहते हैं।

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